भीलवाड़ा। अंसल सुशांत सिटी भीलवाड़ा में तीज का त्योहार बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक रूप से तीज उत्सव मनाते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी की प्रांत सह संयोजिका सीमा पारीक ने बताया कि तीज पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन तथा सावन-भादों की वर्षा ऋतु के स्वागत का प्रतीक है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए 108 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। 108वें जन्म में सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ, जिसके बाद इस पर्व को उनके दिव्य मिलन के प्रतीक के रूप में मनाया जाने लगा। विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित युवतियां मनपसंद वर की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। कार्यक्रम में सीमा पारीक, स्नेहलता पारीक, शकुंतला शुक्ला, गीतिका शर्मा, कुसुम राठौड़, बीना पारीक, राधा सोमानी, आस्था पारीक, प्राची सोमानी, हिमांशी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
