ज्ञान गंगा महोत्सव के समापन पर बोले—गुरु दक्षिणा में नोट, वोट नहीं, जिंदगी की खोट चाहिए
भीलवाड़ा, 30 अगस्त। चित्रकूटधाम में पिछले 15 दिनों से चल रहा ज्ञान गंगा महोत्सव रविवार को राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागर महाराज के प्रवचन के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर आचार्यश्री ने शराब और नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र को बर्बादी से बचाना है तो भारत को शराब व नशा मुक्त बनाना होगा। उन्होंने भीलवाड़ावासियों से गुरु दक्षिणा के रूप में कहा कि उन्हें न नोट चाहिए, न वोट और न सपोर्ट, बल्कि लोगों की जिंदगी की ‘खोट’ चाहिए।
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विशाल पांडाल भी छोटा पड़ गया और श्रद्धालु जहां जगह मिली, वहीं बैठकर पुलक वाणी सुनते नजर आए। आचार्यश्री ने कहा कि ज्ञान गंगा का भीलवाड़ा में समापन हुआ है, लेकिन जब तक पुलकसागर है, ज्ञान की गंगा बहती रहेगी।
आचार्यश्री ने कहा कि गलत संगति व्यक्ति का जीवन बदल देती है। नशे का रास्ता दिखाने वाले दोस्तों की संगति छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी में बढ़ती शराब, सिगरेट और गुटखे की लत पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाएं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो। बच्चों के आदर्श फिल्मी सितारों के बजाय महापुरुष होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि शराब और नशे के खिलाफ केवल सरकार के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज को स्वयं जागरूक होना होगा। शराब पीना छोड़ दिया जाए तो शराब की दुकानें अपने आप बंद हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में पीने का पानी कई किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है, लेकिन शराब की दुकानें हर गली में मिल जाती हैं। सरकार एक ओर शराब के खिलाफ कानून बनाती है और दूसरी ओर शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी करती है।
आचार्य पुलकसागर ने कहा कि शराब पीने वाला व्यक्ति कुछ समय के लिए अपना गम भूल सकता है, लेकिन उसका पूरा परिवार गम में डूब जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बेटियों की शादी शराब पीने वाले युवक से नहीं करें। बेटियां भी संकल्प लें कि वे किसी शराबी से विवाह नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि धन कुछ समय में खत्म हो सकता है, लेकिन संस्कार जीवनभर साथ रहते हैं।

प्रवचन के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन, आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य भगवतीदेवी, विजय और अजय झांझरी परिवार ने प्राप्त किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने आचार्यश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। शास्त्रीनगर बालिका मंडल की अष्ट कुमारियों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। स्वागत चातुर्मास समिति अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, संयोजक मनीष शाह, सह संयोजक लोकेश अजमेरा सहित पदाधिकारियों ने किया। संचालन महामंत्री जयकुमार पाटनी ने किया।
महोत्सव के बाद सोमवार से आचार्य पुलकसागर ससंघ के आगम एवं शास्त्र आधारित चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में होंगे।
मीडिया की सराहना
समापन अवसर पर आचार्य पुलकसागर महाराज ने भीलवाड़ा के मीडिया की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सामान्य धारणा है कि मीडिया में अच्छी खबरों को कम स्थान मिलता है, लेकिन भीलवाड़ा की मीडिया ने ज्ञान गंगा महोत्सव को प्रमुखता देकर इस धारणा को बदल दिया। उन्होंने सभी पत्रकारों को साधुवाद दिया और महोत्सव के सफल आयोजन के लिए चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सेवा भावना की सराहना की।
