भीलवाड़ा। करीब पांच साल पुराने 94 किलो 140 ग्राम अफीम डोडा चूरा तस्करी के मामले में एनडीपीएस न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 29 सितंबर 2021 का है। तत्कालीन बीगोद थाना प्रभारी ठाकुराम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मारुति कार RJ 06 CA 6772 लाडपुरा की तरफ से आ रही है, जिसमें अफीम डोडा चूरा भरा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्रिवेणी चौराहे पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में दो व्यक्ति सवार थे। चालक ने अपना नाम गोविंद कुमार पुत्र उदयलाल धाकड़, निवासी गोपालपुरा, थाना बेगूं, जिला चित्तौड़गढ़ तथा उसके पास बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मनोज हजूरी पुत्र कन्हैयालाल हजूरी, निवासी धारला, थाना बेगूं, जिला चित्तौड़गढ़ बताया।
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें पांच प्लास्टिक के कट्टे मिले, जिनमें अफीम डोडा चूरा भरा हुआ था। इसका कुल वजन 94 किलो 140 ग्राम पाया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर डोडा चूरा जब्त किया और उनके खिलाफ धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान एनडीपीएस न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और प्रत्येक को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस एक्ट राम स्वरूप गुर्जर ने आरोप सिद्ध करने के लिए न्यायालय के समक्ष 9 गवाहों के बयान और 71 दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई।
