आचार्य पुलकसागर से मिलने सोमवार को भीलवाड़ा आएंगे मोहन भागवत

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सूर्यमहल में करीब एक घंटे होगी धार्मिक, सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर चर्चा | पर्युषण पर्व पर 16 से 25 सितंबर तक पाप नाशनम शिविर

भीलवाड़ा, 13 सितंबर। राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज के भीलवाड़ा चातुर्मास के दौरान सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उनसे मुलाकात करने भीलवाड़ा आएंगे। वे सुबह 11 बजे शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल पहुंचेंगे, जहां चातुर्मास समिति की ओर से उनका स्वागत-अभिनंदन किया जाएगा।

श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि मोहन भागवत एवं आचार्य पुलकसागरजी महाराज के बीच करीब एक घंटे तक धार्मिक, सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा। संघ प्रमुख के आगमन को देखते हुए सोमवार को चातुर्मासिक प्रवचन का समय सुबह 8.30 से 9.30 बजे तक रखा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश एवं निकासी की विशेष व्यवस्था की गई है।

ईश्वर की कृपा पाने के लिए पात्र बनना जरूरी

आचार्य पुलकसागर महाराज ने रविवार को चातुर्मासिक प्रवचन में शुद्धोपयोगी और शुभोपयोगी के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि मुनि और श्रावक का धर्म अलग-अलग होता है। “आराध्य को जानने पर ही आराधक बन पाएंगे।” उन्होंने कहा कि दीक्षा लेने पर सभी मुनि बनते हैं, जबकि आचार्य और उपाध्याय का मूल पद भी साधु ही होता है।

आचार्यश्री ने कहा कि वर्तमान पंचम काल में शुद्धोपयोगी मुनि नहीं होते और मुनि कर्म क्षय की साधना करते हैं, जबकि संसारी जीव पाप क्षय की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के मोक्ष जाने के बाद पंचम काल प्रारंभ हुआ।

उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान देने में कभी कमी नहीं रखते, लेकिन हम उसे ग्रहण करने के पात्र नहीं बन पाते। पर्युषण पर्व के दौरान ईश्वर की कृपा पाने के लिए स्वयं को पात्र बनाना होगा। इसके लिए सप्त कुव्यसनों का त्याग, रात्रि भोजन का त्याग और बुराइयों से दूरी बनाना जरूरी है।

आचार्यश्री ने कहा कि गृहस्थ जीवन में व्यवहारिक समझौते करने पड़ते हैं, लेकिन धर्म क्षेत्र में झूठ नहीं बोलने और पाप नहीं करने का संकल्प जरूर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर और गुरु के समक्ष झूठ नहीं बोलना चाहिए। व्यापार में हिंसा क्षम्य हो सकती है, लेकिन हिंसा का व्यापार नहीं किया जा सकता। इसी तरह व्यापार में झूठ हो सकता है, लेकिन झूठ को ही व्यापार बनाना उचित नहीं है। मिट्टी को सोना बताकर बेचना झूठ का व्यापार है।

16 से 25 सितंबर तक होगा पाप नाशनम शिविर

आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में पर्युषण (दशलक्षण) पर्व की साधना 16 से 25 सितंबर तक सूर्यमहल में होगी। इस दौरान आयोजित होने वाले दस दिवसीय ‘पाप नाशनम’ शिविर के लिए सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने पंजीयन कराया है।

रविवार के प्रवचन से पूर्व श्रावकों ने दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट किया गया। चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने अतिथियों का स्वागत किया।

चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।

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