भीलवाड़ा। हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में सेशन न्यायालय, भीलवाड़ा ने अभियुक्त देवीलाल कीर को दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रघुनंदन सिंह कानावत ने पैरवी की।
मामला 13 अगस्त 2021 का है। कीरों की झोपड़ियां निवासी किशनलाल पुत्र नारू जी कीर ने हमीरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार सुबह करीब 6 बजे उसके माता-पिता कंकू देवी और नारू जी घर से नौहरे में गायों का दूध निकालने गए थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर किशनलाल नौहरे में पहुंचा, जहां दोनों लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। जांच करने पर दोनों की मृत्यु हो चुकी थी।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मोहल्ले में रहने वाले देवीलाल पुत्र हजारी जी कीर ने धारदार हथियार से दोनों की हत्या की। ग्रामीणों ने देवीलाल को हथियार लेकर नौहरे की ओर जाते हुए देखने की बात भी पुलिस को बताई थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर थाना हमीरगढ़ में प्रकरण संख्या 115/2021 धारा 452 एवं 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
अनुसंधान के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। प्रकरण सेशन ट्रायल के लिए सेशन न्यायालय, भीलवाड़ा में कमिट हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाहों के बयान करवाए गए तथा 45 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। इसके अलावा खंजर, मोबाइल और कपड़ों सहित 5 आर्टिकल्स न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
मामले की सुनवाई के बाद सेशन न्यायाधीश अभय कुमार जैन ने अभियुक्त देवीलाल कीर को दोषी माना। न्यायालय ने धारा 452 आईपीसी में 5 वर्ष के कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 302 आईपीसी में आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष के कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
