लोकतंत्र बचाने विपक्ष एकजुट, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग घिरा
भीलवाड़ा। कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र, संविधान और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा।
गुर्जर ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता एवं विश्वसनीयता के लिए आवाज उठाई जाएगी।
एसआईआर को लेकर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हट जाता है तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है। ऐसे में मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
गुर्जर ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। यदि मतदाता सूची में अनियमितता या गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। गुर्जर ने उन्हें भाजपा का ‘टूल’ तक करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान पर जनता का भरोसा कायम रहना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
गुर्जर ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ी की गई या पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में किसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
संसद से सड़क तक आंदोलन की चेतावनी
गुर्जर ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण है और उसके मताधिकार के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना पूरे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग के खिलाफ इस्तीफे की मांग को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया जाएगा।
मतदाताओं से सूची जांचने की अपील
प्रेस वार्ता में गुर्जर ने आम मतदाताओं से अपनी मतदाता सूची में नाम की स्थिति जांचने की अपील की। उन्होंने कहा कि नाम या अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर मतदाता तत्काल संबंधित अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना संवैधानिक संस्थाओं की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
