आजादी के 78 साल बाद भी शिक्षा को तरस रहा ‘भारजी का खेड़ा’; 12 साल से बंद है सरकारी स्कूल

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मांडलगढ़/शाहपुरा – राजेन्द्र खटीक।
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत झंझोला के अंतर्गत आने वाले ‘भारजी का खेड़ा’ गांव में शिक्षा व्यवस्था लंबे समय से ठप पड़ी हुई है। गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2014 से बंद है, जिसके कारण स्थानीय बच्चों को पढ़ाई के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सैकड़ों परिवार निवास करते हैं, लेकिन शिक्षा की मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

हाल ही में सामाजिक संगठन से जुड़े प्रतिनिधि दुर्गा लाल आजाद ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि विद्यालय बंद होने के कारण बच्चों को शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़े विद्यालय को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को गांव में ही शिक्षा की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

इस दौरान गांव के कई लोग उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर विद्यालय संचालन बहाल करने की मांग रखी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

स्थानीय प्रशासन से इस विषय में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई जा रही है, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

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