भीलवाड़ा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने कर्मचारियों के लंबित परिलाभों का भुगतान, दीपावली बोनस जारी करने और 25 सूत्रीय मांगपत्र का निराकरण करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में यह ज्ञापन दिया गया। महासंघ ने मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि राज्य कर्मचारियों के लंबित परिलाभों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान, समर्पित अवकाश, जीपीएफ, राज्य बीमा (एसआई) और विभिन्न कर्मचारी वर्गों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर महासंघ ने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है। महामंत्री समर्थ कुमावत ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर 16 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर मिले परिलाभ
प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को अपने हक के भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीवनभर राजकीय सेवा देने के बाद भी जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी और समर्पित अवकाश (पीएल) के भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। सरकार को इस व्यवस्था में सुधार करते हुए कर्मचारियों के सभी लंबित देयकों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
दीपावली से पहले बोनस और बकाया राशि देने की मांग
महासंघ ने मांग की कि पात्र राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले बोनस का भुगतान नकद किया जाए, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार सम्मानपूर्वक मना सकें। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित परिलाभों का तत्काल भुगतान करने तथा बकाया राशि को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाली व्यवस्था में सुधार करने की मांग उठाई गई।
महासंघ ने सरकार से पूर्व में प्रस्तुत 25 सूत्रीय मांगपत्र का शीघ्र निराकरण करने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाना चाहिए।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों और वर्गों ने लिया भाग
ज्ञापन कार्यक्रम में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा, निविदा एवं ठेका कर्मचारियों, जनता जल योजना के श्रमिकों तथा आंगनबाड़ी कर्मचारियों सहित विभिन्न कर्मचारी वर्गों की समस्याओं को भी उठाया गया। मांगपत्र में सेवा सुरक्षा, आर्थिक हितों और लंबित मांगों के समाधान पर जोर दिया गया।
इस दौरान महासंघ के संरक्षक राजेंद्र शर्मा, नीरज ओझा, हुकमीचंद गुप्ता, विनोद सोनी, राजकुमार शर्मा, घनश्याम असावा, काशीराम नायक, विनोद जीनगर, दीपक तोलम्बिया, ललित जीनगर, पुरुषोत्तम चावला, अंकित काबरा, नीरज व्यास, कुलदीप आर्य, करण सिंह, रामलाल भील, धीरज सिंह, राकेश यादव, पवन गर्ग, प्रहलाद सिंह और अनीता खोईवाल सहित महासंघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
